भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कप्तान के फैसले को शेफाली वर्मा ने विस्फोटक शतक लगाते हुए सही साबित किया और टीम को एक सुरक्षित स्कोर तक पहुंचा दिया। भारत के लिए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा पारी की शुरुआत करने उतरी थीं। दोनों ने पहले विकेट के लिए 6 ओवर में 72 रन की साझेदारी की। मंधाना 19 गेंदों पर 2 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद जी कमलीनी का विकेट भी जल्द गिर गया। वह 3 रन बनाकर आउट हुईं।
गिरते विकेटों के बीच शेफाली वर्मा ने एक छोर संभाल कर रखा और अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का पहला शतक लगाया। उनका शतक 49 गेंदों पर आया। यह भारतीय पारी की आखिरी गेंद थी। वर्मा 49 गेंदों पर 9 छक्के और 3 चौकों की मदद से 100 रन पर नाबाद लौटीं। इस शतक के साथ ही शेफाली ने मंधाना के सबसे तेज टी20 शतक के भारतीय महिला क्रिकेटर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। मंधाना ने 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 49 गेंदों में ही शतक लगाया था।
वर्मा के साथ भारती फूलमाली 5 गेंदों पर 9 रन बनाकर नाबाद रहीं। भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 195 रन बनाकर बंग्लादेश को जीत के लिए 196 रन का लक्ष्य दिया है।

